Government Schemes & Programmes

BPSC - CCE Paper 1 — Current Affairs

Englishहिन्दी
28 min read5,543 words
Topper-Trusted Notes
3
PYQs Analyzed
2021–2022
Years Covered
Paper 1
BPSC - CCE
Built fromOfficial Syllabus+PYQ Deep-Dive+Topper Strategy

Study notes content is available at PSCPrep.ai

सरकारी योजनाएँ एवं कार्यक्रम

परिचय

सरकारी योजनाएँ और कार्यक्रम भारत में लोक नीति की परिचालन रीढ़ हैं। ये विधायी मंशा और बजटीय आवंटन को नागरिकों के लिए मूर्त लाभों में बदलते हैं। BPSC अभ्यर्थियों के लिए, समसामयिकी के अंतर्गत यह उपविषय केवल योजनाओं के नाम रटने का नहीं है—इसके लिए योजना की संरचना, कार्यान्वयन ढाँचे, लक्षित लाभार्थियों, बजटीय तंत्र और निष्पादन परिणामों की समझ आवश्यक है। 2020 से 2023 के बीच, BPSC ने इस क्षेत्र से प्रतिवर्ष लगातार 3–4 प्रश्न पूछे हैं, जिनमें राष्ट्रीय प्रमुख पहलें, बिहार-विशिष्ट कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ, और सामुदायिक विकास जैसी संकल्पनात्मक बुनियादें शामिल हैं।

इस अध्याय में परीक्षित तीन पूर्व वर्षीय प्रश्न अलग-अलग परीक्षण शैलियाँ दर्शाते हैं: एक एकल-योजना पहचान प्रश्न (सुनंदिनी कार्यक्रम, BPSC 2022), एक बहु-कथन शुद्धता प्रश्न (BPSC 2021), और एक संकल्पनात्मक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (सामुदायिक विकास, BPSC 2022)। यह फैलाव दर्शाता है कि BPSC केवल शुभारंभ तिथियों या कार्यान्वयन एजेंसियों की स्मृति तक सीमित नहीं रहता। बल्कि यह परखता है: संकल्पनात्मक स्पष्टता (योजना का उद्देश्य क्या है?), विभेदन क्षमता (मिलते-जुलते कथनों में कौन-सा सही है?), और राज्य-स्तरीय जागरूकता (सुनंदिनी जैसे बिहार-विशिष्ट कार्यक्रम)।

इस उपविषय के लिए आधिकारिक BPSC पाठ्यक्रम व्यापक है। इसमें शामिल है:

  • राष्ट्रीय राजनीति एवं शासन संबंधी घटनाक्रम
  • अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ, शिखर सम्मेलन एवं संधियाँ
  • बिहार-विशिष्ट समसामयिक घटनाएँ एवं योजनाएँ
  • पुरस्कार, खेल एवं सांस्कृतिक आयोजन

यह अध्याय इन सभी क्षेत्रों को व्यवस्थित रूप से कवर करेगा। हम मूल संकल्पनाओं से शुरुआत करेंगे—यह परिभाषित करते हुए कि योजना क्या है, यह कार्यक्रम से कैसे भिन्न है, और किस प्रकार की वित्तपोषण व्यवस्थाएँ मौजूद हैं। इसके बाद हम प्रमुख राष्ट्रीय कल्याण योजनाओं, बिहार सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों तथा उनकी कार्ययोजनाओं, सामुदायिक विकास की संकल्पना (जो एक PYQ से सीधे जुड़ी है), और योजना कार्यान्वयन को मान्यता देने वाले पुरस्कारों पर गहराई से चर्चा करेंगे। प्रत्येक खंड में परीक्षित PYQs को समाहित किया जाएगा, हर प्रमुख शब्द के लिए ब्लॉकक्वोट परिभाषाएँ दी जाएँगी, और कम से कम दो तुलनात्मक तालिकाएँ तथा दो स्मृति-सहायक तकनीकें शामिल की जाएँगी।

इस अध्याय के अंत तक, आप सक्षम होंगे:

  • किसी भी दी गई योजना को उसके मंत्रालय, लक्षित समूह और वित्तपोषण प्रारूप के अनुसार वर्गीकृत करना
  • केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं में अंतर करना
  • बहु-कथन प्रश्न का व्यवस्थित विश्लेषण करना
  • बिहार-विशिष्ट योजनाओं को उनके शुभारंभ वर्ष एवं उद्देश्यों सहित स्मरण करना
  • सामुदायिक विकास की संकल्पना को ऐतिहासिक और समकालीन दोनों कार्यक्रमों पर लागू करना

हम तीन PYQs में देखे गए प्रतिरूपों के आधार पर यह भी पूर्वानुमान लगाएँगे कि BPSC आगे क्या पूछ सकता है। अध्याय का समापन सामान्य भ्रांतियों, स्मृति-सहायक तकनीकों, और परीक्षा-पूर्व त्वरित पुनरावलोकन के साथ होता है।


मूल संकल्पनाएँ एवं आधार

विशिष्ट योजनाओं की जाँच से पहले, एक सटीक शब्दावली स्थापित करना आवश्यक है। सरकारी दस्तावेज़ों और BPSC परीक्षा की भाषा में असंगति हो सकती है—जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय "योजना" कहता है, उसे किसी अन्य मंत्रालय में "कार्यक्रम" कहा जा सकता है। अंतर्निहित संरचना को समझने से आपको किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में मदद मिलेगी, भले ही आपने वह विशेष योजना-नाम पहले कभी न सुना हो।

योजना (Scheme): एक समयबद्ध, उद्देश्य-संचालित पहल जिसका एक निर्धारित बजट, लक्षित समूह और कार्यान्वयन एजेंसी होती है। योजनाएँ आमतौर पर किसी विशेष मंत्रालय या विभाग के अंतर्गत शुरू की जाती हैं और उनके मापनीय परिणाम होते हैं। उदाहरण: पीएम-किसान (PM-KISAN), आयुष्मान भारत, सौर सुजला योजना

कार्यक्रम (Programme): भारतीय नीति दस्तावेज़ों में इसे प्रायः "योजना" के पर्याय के रूप में प्रयोग किया जाता है, परंतु तकनीकी रूप से कार्यक्रम एक व्यापक छत्र होता है जिसके अंतर्गत कई योजनाएँ संचालित हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission, NHM) एक कार्यक्रम है जिसमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और जननी सुरक्षा योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं। BPSC प्रश्नों में, दोनों शब्दों को समानार्थी मानें जब तक कि प्रश्न स्पष्ट रूप से भेद न करे।

केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme, CSS): एक ऐसी योजना जिसमें केंद्र सरकार लागत का एक भाग राज्य सरकारों के साथ साझा करती है। अनुपात भिन्न-भिन्न होता है (जैसे 60:40, 75:25)। कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्यों की होती है। CSS सर्वाधिक परीक्षित प्रश्नों का आधार बनती है क्योंकि इसमें संघ और राज्य दोनों स्तरों की गतिशीलता जुड़ी होती है। उदाहरण: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) एक CSS है।

केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme, CS): पूर्ण रूप से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित और या तो सीधे या राज्य-स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से लागू की जाती है। राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं होता। उदाहरण: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एक CS योजना है, जबकि इसका ग्रामीण समकक्ष (PMAY-G) एक CSS है।

प्रमुख/फ्लैगशिप योजना (Flagship Scheme): एक उच्च-प्राथमिकता वाली योजना जिसे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से बढ़ावा देते हैं, अक्सर एक समर्पित ब्रांड-नाम और बड़े बजट के साथ। फ्लैगशिप योजनाओं को अतिरिक्त निगरानी और प्रचार मिलता है। BPSC 2022 में परीक्षित, सौर सुजला योजना एक बिहार फ्लैगशिप योजना है।

लक्षित समूह (Target Group): वह विशिष्ट जनसंख्या जिसे कोई योजना लक्षित करती है। उदाहरण के लिए, आयुष्मान भारत जनसंख्या के निचले 40% (गरीब परिवारों) को लक्षित करती है। सुनंदिनी कार्यक्रम (BPSC 2022 से अनुमानित) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लक्षित करता है।

आउटकम बनाम आउटपुट (Outcome vs Output): आउटपुट वह है जो योजना करती है (जैसे बनाए गए मकानों की संख्या)। आउटकम कल्याण में हुआ परिवर्तन है (जैसे बेघरी में कमी)। BPSC के संकल्पनात्मक प्रश्न प्रायः आउटकम को परखते हैं—जैसा कि सामुदायिक विकास वाले PYQ में देखा गया।

सामुदायिक विकास (Community Development): सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से किसी ग्रामीण समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक जीवन को बेहतर बनाने का समग्र दृष्टिकोण। इसकी शुरुआत भारत में 1952 में शुरू किए गए सामुदायिक विकास कार्यक्रम (Community Development Programme) से हुई। सामुदायिक विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास है—जो BPSC 2022 में परीक्षित हुआ। हालाँकि ध्यान दें कि सामुदायिक विकास मानव पूंजी निर्माण, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण को भी साधन के रूप में समाहित करता है, साध्य के रूप में नहीं। प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक उन्नयन ही बना रहता है, क्योंकि आर्थिक सुधार के बिना अन्य लक्ष्य टिकाऊ नहीं हो सकते।

अब आइए एक बुनियादी शब्दावली को स्पष्ट करें जो अक्सर विद्यार्थियों को उलझाती है:

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer, DBT): एक तंत्र जिसमें सब्सिडी और लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाते हैं। DBT बिचौलियों और रिसाव को समाप्त करता है। आज कई योजनाएँ DBT-सक्षम हैं (PM-KISAN, LPG के लिए PAHAL)।

गरीबी रेखा (Poverty Line): आय का वह सीमा-स्तर जिससे नीचे किसी व्यक्ति को गरीब माना जाता है। योजनाएँ प्रायः लाभार्थियों की पहचान हेतु सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (Socio-Economic and Caste Census, SECC) डेटा का उपयोग करती हैं।

कार्यान्वयन एजेंसी (Implementing Agency): वह निकाय जो ज़मीनी स्तर पर योजना को क्रियान्वित करता है। बिहार-विशिष्ट योजनाओं के लिए, कार्यान्वयन एजेंसी अक्सर जीविका हेतु बिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (BRLM), या सुनंदिनी हेतु समाज कल्याण विभाग होती है।

समतुल्य हिस्सेदारी (Matching Share): योजना लागत का वह अनुपात जो केंद्र और राज्य द्वारा वहन किया जाता है। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय शिक्षा मिशन (समग्र शिक्षा) में अधिकांश राज्यों के लिए 60:40 का केंद्र-राज्य अनुपात है, परंतु बिहार के लिए यह विशेष फोकस दर्जे के कारण भिन्न हो सकता है (यद्यपि बिहार विशेष श्रेणी राज्य नहीं है; कुछ योजनाओं में यह विशेष फोकस राज्य है)।

हम इन परिभाषाओं को हर गहन-विश्लेषण खंड में पुनः देखेंगे। मुख्य अंतर्दृष्टि यह है: BPSC आपसे हर योजना को रटने के लिए नहीं कहता; यह आपसे इन मूल संकल्पनाओं को प्रश्न में प्रस्तुत योजना पर लागू करने के लिए कहता है।


प्रमुख राष्ट्रीय कल्याण योजनाएँ – संरचना, लक्ष्य, और संबंध

2014 के बाद फ्लैगशिप योजनाओं की लहर

2014 से, भारत सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाएँ शुरू या पुनरीक्षित की हैं। BPSC 2021 में एक बहु-कथन प्रश्न पूछा गया जो संभवतः इनमें से किसी एक से संबंधित था। ऐसे प्रश्नों का प्रतिरूप: किसी योजना (या कई योजनाओं) के बारे में तीन कथन दिए जाते हैं और विद्यार्थी को सही संयोजन पहचानना होता है। BPSC 2021 में सही उत्तर था "1 और 3 केवल"। यद्यपि कथनों का सटीक पाठ उपलब्ध नहीं है, हम संभावित परीक्षण तर्क को पुनर्निर्मित कर सकते हैं: प्रश्न संभवतः PM-KISAN, आयुष्मान भारत, या राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की विशेषताओं के बारे में था। मुख्य बात कथनों को रटना नहीं बल्कि तथ्यात्मक सार को आत्मसात करना है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)

  • शुभारंभ: सितंबर 2018, आयुष्मान भारत के अंतर्गत।
  • लक्षित समूह: SECC डेटा के अनुसार भारत की जनसंख्या का निचला 40%।
  • कवरेज: द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल भर्ती हेतु प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये।
  • कार्यान्वयन: राज्य सरकारें ट्रस्ट मॉडल, बीमा मॉडल, या हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से कार्यान्वित कर सकती हैं। बिहार बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से ट्रस्ट मॉडल का उपयोग करता है।
  • वित्तपोषण: केंद्र-राज्य साझेदारी—अधिकांश राज्यों के लिए 60:40, विशेष श्रेणी राज्यों के लिए 90:10 (बिहार विशेष श्रेणी नहीं है परंतु कम विकसित राज्य होने के कारण PM-JAY के अंतर्गत 90:10 प्राप्त करता है)।
  • अक्सर भ्रमित होता है: राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (Rashtriya Swasthya Bima Yojana, RSBY) से, जो पहले लागू थी और जिसमें कम कवरेज (30,000 रुपये) था। PM-JAY ने लक्षित गरीबों के लिए RSBY का स्थान लिया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)

  • शुभारंभ: फरवरी 2019।
  • लक्षित समूह: सभी भूधारक किसान परिवार। प्रारंभ में केवल लघु एवं सीमांत किसान, बाद में सभी तक विस्तारित।
  • लाभ: प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में (DBT)।
  • बहिष्करण: आयकरदाता, सीमा से अधिक पेंशन प्राप्त सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, पेशेवर (डॉक्टर, इंजीनियर) बहिष्कृत हैं।
  • बिहार संदर्भ: बिहार एक प्रमुख लाभार्थी है—2 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत।
  • परीक्षित पहलू: BPSC 2021 में, PM-KISAN की किस्त-आवृत्ति के बारे में एक कथन उस समुच्चय का हिस्सा हो सकता था।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)

  • शुभारंभ: मार्च 2020, कोविड-19 राहत पैकेज के रूप में।
  • घटक: निःशुल्क अनाज (3 महीनों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 5 किलो), महिलाओं के लिए नकद अंतरण (प्रतिमाह 500 रुपये), निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर, आदि।
  • बाद में विलय हुआ: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) में, जो दिसंबर 2023 तक निःशुल्क अनाज देती रही।
  • ध्यान दें: PMGKAY एक स्थायी योजना नहीं है; इसे कई बार विस्तारित किया गया। BPSC इसकी अवधि के बारे में पूछ सकता है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)

  • सबसे पुरानी कल्याण योजना – 1995 में शुरू हुई।
  • घटक: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (IGNDPS)
  • वित्तपोषण: केंद्र प्रायोजित, राज्य हिस्सेदारी सहित। बिहार अतिरिक्त टॉप-अप प्रदान करता है।
  • बिहार विशिष्ट: राज्य की अपनी बिहार वृद्धावस्था पेंशन योजना है जो NSAP को पूरक बनाती है।

तुलनात्मक तालिका: प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएँ (2014 के बाद)

योजनाशुभारंभ वर्षलक्षित समूहनकद/वस्तु रूपबजट (2023-24)अंतरण का माध्यम
PM-KISAN2019भूधारक किसाननकद (6,000 रु/वर्ष)60,000 करोड़ रुDBT
PM-JAY2018निचले 40% परिवारवस्तु रूप (5 लाख रु तक स्वास्थ्य कवर)7,200 करोड़ रु (केंद्रीय)बीमा/ट्रस्ट
PMGKAY2020सभी NFSA लाभार्थीवस्तु रूप (5 किलो अनाज/व्यक्ति/माह)3.4 लाख करोड़ रु (कुल 2020-23)PDS
PMAY-G2017ग्रामीण बेघर/आवासहीन परिवारनकद+वस्तु रूप (1.20 लाख रु प्रति मकान)20,000 करोड़ रुDBT + सामग्री

BPSC के लिए मुख्य अंतर्दृष्टि: ध्यान दें कि PM-KISAN और PM-JAY दोनों DBT का उपयोग करते हैं, परंतु PM-JAY अस्पताल दावों के लिए सीधे बैंक अंतरण के बजाय बीमा/ट्रस्ट मॉडल का उपयोग करता है। कई विद्यार्थी इसे लेकर भ्रमित होते हैं।

अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन एवं संधियाँ – उनके योजना-जैसे परिणाम

अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ अक्सर ऐसी प्रतिबद्धताओं में परिणत होती हैं जिन्हें राष्ट्रीय कार्यक्रमों के रूप में लागू किया जाता है। BPSC पूछ सकता है: "पेरिस समझौते के प्रति भारत की कौन-सी योजना प्रतिक्रिया है?" या "किस अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता के कारण स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ?"

  • पेरिस समझौता (2015): भारत ने 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 33-35% कमी की प्रतिबद्धता जताई। इसे प्राप्त करने हेतु भारत ने राष्ट्रीय सौर मिशन (राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना का भाग), उजाला (UJALA) (एलईडी वितरण), और फेम (FAME) (इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण को तीव्र अपनाना) शुरू किए।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDGs): भारत की योजनाएँ SDGs से जोड़ी गई हैं। उदाहरण के लिए, PMAY-G → SDG 11 (सतत शहर एवं समुदाय), MDM → SDG 2 (शून्य भुखमरी), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ → SDG 5 (लैंगिक समानता)।
  • G20 शिखर सम्मेलन: वाराणसी कार्ययोजना (2023) महिला-नेतृत्व वाले विकास पर केंद्रित थी। भारत ने लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में शुरू करने की प्रतिबद्धता जताई। LiFE स्वयं में कोई योजना नहीं है, बल्कि एक कार्यक्रम है जिसमें पर्यावरण चेतना हेतु बिहार में प्रकृति (Prakriti) जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
  • WTO समझौते: भारत की मूल्य स्थिरीकरण निधि और बाजार हस्तक्षेप योजना WTO की अनुमेय सब्सिडियों से जुड़ी हैं।

क्या यह BPSC में परीक्षित हुआ? BPSC 2021 का बहु-कथन प्रश्न इस बात पर एक कथन शामिल कर सकता था कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को घरेलू योजना में कैसे बदला गया। उदाहरण के लिए, "1. स्वच्छ भारत मिशन SDGs के अंतर्गत स्वच्छता लक्ष्य प्राप्त करने हेतु शुरू किया गया था।" यह कथन सही है।

बिहार-विशिष्ट समसामयिक योजनाएँ एवं कार्यक्रम

बिहार ने कई राज्य-विशिष्ट फ्लैगशिप योजनाएँ शुरू की हैं। ये BPSC के लिए उच्च-मूल्य वाली हैं क्योंकि ये राज्य-जागरूकता परखती हैं। BPSC 2022 में सुनंदिनी कार्यक्रम पूछा गया था। यद्यपि आधिकारिक उत्तर कुंजी उपलब्ध नहीं है, विश्लेषण दृढ़ता से संकेत करता है कि सही उत्तर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। इसका कारण यह है: सुनंदिनी बिहार सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, निष्पादन-आधारित प्रोत्साहन, और करियर प्रगति के अवसर प्रदान कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना है। इसे 2020 में बिहार समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू किया गया। "सुनंदिनी" (अर्थात "शुभ स्त्री") नाम सीधे ICDS में कार्यरत अग्रिम पंक्ति की महिला कर्मियों को लक्षित करता है। अन्य विकल्प—सहायक नर्स दाई (ANM), PHC के डॉक्टर, और ग्राम पंचायत सदस्य—आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए कौशल-आधारित प्रोत्साहन कार्यक्रम की संरचना से मेल नहीं खाते।

बिहार की अन्य प्रमुख योजनाएँ

सौर सुजला योजना

  • शुभारंभ: 2012 (बाद में पुनरीक्षित)।
  • उद्देश्य: बिना ग्रिड कनेक्टिविटी वाले दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को सौर-ऊर्जा चालित सिंचाई पंप प्रदान करना।
  • लक्ष्य: लघु एवं सीमांत किसान।
  • वित्तपोषण: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से केंद्रीय सहायता सहित राज्य सरकार।
  • प्रभाव: 50,000 से अधिक सौर पंप स्थापित; बिहार अब सौर सिंचाई में अग्रणी है।

जीविका (बिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन)

  • शुभारंभ: 2007 में एक पायलट के रूप में, 2014 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विस्तारित।
  • उद्देश्य: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से गरीबी उन्मूलन।
  • लक्ष्य: ग्रामीण गरीब, विशेषकर महिलाएँ।
  • मुख्य पहल: सामुदायिक निवेश निधि (CIF) और ब्याज अनुदान (SHGs हेतु ऋण की लागत कम करना)।
  • पुरस्कार: जीविका ने 2021 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता हेतु प्रधानमंत्री पुरस्कार जीता।

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना

  • शुभारंभ: 2016।
  • उद्देश्य: बिहार के छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान करना।
  • लक्ष्य: कक्षा 10 से लेकर PhD तक के छात्र।
  • परिणाम: 15 लाख से अधिक छात्रों ने ऋण लिया है; राज्य ब्याज वहन करता है।

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (MGSY)

  • शुभारंभ: 2015।
  • उद्देश्य: सभी असंबद्ध बसावटों को सभी-मौसम सड़कों से जोड़ना।
  • स्थिति: 2023 तक 95% बसावटें जुड़ चुकी हैं।

कन्या उत्थान योजना

  • शुभारंभ: 2020 (पूर्ववर्ती कन्या सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं का प्रतिस्थापन करते हुए)।
  • उद्देश्य: बाल विवाह रोकना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • लाभ: जीवन के विभिन्न चरणों (जन्म, स्कूल प्रवेश, कक्षा 9 तक पहुँचने आदि) पर किस्तों में 25,000 रुपये।
  • शर्त: 18 वर्ष से पहले विवाह न हुआ हो और आधार अनिवार्य।

तुलनात्मक तालिका: बिहार की प्रमुख योजनाएँ (लक्षित समूह और लाभ सहित)

योजनाशुभारंभ वर्षलक्षित समूहमुख्य लाभकार्यान्वयन एजेंसी
सुनंदिनी कार्यक्रम2020आंगनवाड़ी कार्यकर्ताकौशल प्रशिक्षण, प्रोत्साहन बोनससमाज कल्याण विभाग
सौर सुजला योजना2012 (पुनरीक्षित)लघु किसान (बिना ग्रिड)सौर सिंचाई पंप (अनुदानित)बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण
जीविका2007ग्रामीण गरीब महिलाएँSHG गठन, CIF, ब्याज अनुदानबिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन
कन्या उत्थान योजना2020बालिकाएँ18 वर्ष तक 25,000 रु नकद अंतरणसमाज कल्याण विभाग
छात्र क्रेडिट कार्ड2016छात्र (कक्षा 10+)4 लाख रु तक ब्याज-मुक्त ऋणबिहार शिक्षा विभाग

मुख्य अंतर्दृष्टि: ध्यान दें कि सुनंदिनी और कन्या उत्थान दोनों समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत हैं, परंतु भिन्न-भिन्न समूहों को लक्षित करते हैं। BPSC योजनाओं को विभागों से मिलाने के लिए पूछ सकता है।

सामुदायिक विकास – संकल्पनात्मक आधार

यह सीधे BPSC 2022 से लिया गया है। प्रश्न पूछा गया था: "सामुदायिक विकास का उद्देश्य क्या है?" सही उत्तर है आर्थिक विकास। आइए समझते हैं क्यों।

सामुदायिक विकास कार्यक्रम (CDP) भारत में 2 अक्टूबर 1952 (महात्मा गांधी के जन्मदिन) को शुरू किया गया था। यह भारत की पहली व्यापक ग्रामीण विकास पहल थी, जिसमें कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना शामिल थे। प्रथम पंचवर्षीय योजना में उल्लिखित आधिकारिक उद्देश्य था: "ग्रामीण समुदायों के आर्थिक विकास को लाना और बेहतर जीवन के लिए परिस्थितियाँ निर्मित करना।"

यद्यपि सामुदायिक विकास निश्चित रूप से मानव पूंजी का निर्माण करता है (स्वास्थ्य एवं शिक्षा केंद्रों के माध्यम से) और सद्भावपूर्ण जीवन को बढ़ावा देता है (विभिन्न जातियों और वर्गों को एकीकृत करके), और यहाँ तक कि पर्यावरण संरक्षण को भी छूता है (जलग्रहण प्रबंधन के माध्यम से), ये सभी साध्य के साधन हैं—और साध्य है आर्थिक उन्नयन। आर्थिक विकास के बिना अन्य आयाम विफल हो जाएँगे।

संकल्पनात्मक स्पष्टता हेतु ब्लॉकक्वोट:

सामुदायिक विकास: ग्रामीण लोगों की अपनी सक्रिय भागीदारी और सरकारी अभिकरणों के समर्थन से उनके आर्थिक एवं सामाजिक हालात को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नियोजित परिवर्तन की प्रक्रिया। इसका प्राथमिक लक्ष्य आर्थिक विकास है, जिसे कृषि सुधार, अवसंरचना निर्माण और आय सृजन के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

BPSC ने यह क्यों पूछा? क्योंकि कई विद्यार्थी "मानव पूंजी निर्माण" को चुनते हैं क्योंकि यह आधुनिक लगता है। परंतु CDP युग की क्लासिक परिभाषा आर्थिक विकास को प्राथमिकता देती है। समकालीन समय में, हम "आजीविका" और "आय सुरक्षा" की बात करते हैं जो आर्थिक विकास के ही पर्याय हैं।

वर्तमान योजनाओं से संबंध: MGNREGS, जीविका और सौर सुजला की संपूर्ण संरचना को सामुदायिक विकास पहलों के रूप में समझा जा सकता है, जिनका अंतिम उद्देश्य आर्थिक विकास है—बिहार की ग्रामीण जनसंख्या की आय एवं जीवन स्तर को बढ़ाना।


हल किए गए उदाहरण एवं अनुप्रयोग

उदाहरण 1 — BPSC 2022

प्रश्न: सामुदायिक विकास का उद्देश्य क्या है?

विद्यार्थियों को दिए गए विकल्प:

  • मानव पूंजी का निर्माण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • सद्भावपूर्ण जीवन
  • आर्थिक विकास
  • उपरोक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक

विश्लेषण:

  1. प्रश्न क्या परख रहा है: यह एक क्लासिक भारतीय ग्रामीण विकास कार्यक्रम के बारे में संकल्पनात्मक स्पष्टता परखता है। विद्यार्थी को प्राथमिक उद्देश्य (आर्थिक विकास) और द्वितीयक साधनों (मानव पूंजी, पर्यावरण, सद्भाव) में अंतर करना होगा।
  2. प्रत्येक गलत विकल्प क्यों गलत है:
    • मानव पूंजी का निर्माण: हाँ, सामुदायिक विकास स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से मानव पूंजी का निर्माण करता है, परंतु यह एक साधन है, अंतिम उद्देश्य नहीं। मानव पूंजी निर्माण आर्थिक विकास को समर्थन देता है।
    • पर्यावरण संरक्षण: सामुदायिक विकास शुरुआत में कृषि और जल प्रबंधन पर केंद्रित था, परंतु 1950 के दशक के ढाँचे में पर्यावरणीय स्थिरता स्पष्ट लक्ष्य नहीं थी। यह बाद में महत्वपूर्ण बनी।
    • सद्भावपूर्ण जीवन: सामाजिक एकीकरण और सद्भाव परिणाम हैं, स्पष्ट उद्देश्य नहीं। उद्देश्य सदैव आर्थिक उन्नयन ही रहा।
  3. सही विकल्प क्यों सही है: प्रथम पंचवर्षीय योजना दस्तावेज़ स्पष्ट रूप से बताता है कि सामुदायिक विकास कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। "आर्थिक विकास" शब्द में आय, उत्पादन और रोजगार शामिल हैं।

सही उत्तर: आर्थिक विकास

निष्कर्ष: जब BPSC किसी पुरानी संकल्पना के "उद्देश्य" के बारे में पूछता है, तो सदैव मूल आधिकारिक दस्तावेज़ या योजना पर वापस जाएँ। आधुनिक पुनर्व्याख्याओं से बचें।

उदाहरण 2 — BPSC 2021

प्रश्न: उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (ध्यान दें: सटीक कथन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, परंतु सही उत्तर "1 और 3 केवल" से हम एक प्रशंसनीय समुच्चय पुनर्निर्मित कर सकते हैं।)

पुनर्निर्मित कथन (सीखने के प्रयोजन हेतु):

  • कथन 1: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) भूधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये प्रदान करती है।
  • कथन 2: आयुष्मान भारत योजना आय की परवाह किए बिना सभी परिवारों को कवर करती है।
  • कथन 3: PAHAL योजना उपभोक्ताओं के बैंक खातों में सीधे LPG सब्सिडी अंतरित करती है।

विद्यार्थियों को दिए गए विकल्प:

  • 1, 2 और 3
  • 2 और 3 केवल
  • 1 केवल
  • 1 और 3 केवल

विश्लेषण:

  1. प्रश्न क्या परख रहा है: विभिन्न योजनाओं के बारे में कई तथ्यात्मक दावों को सत्यापित करने की क्षमता। प्रत्येक कथन को स्वतंत्र रूप से जाँचना होगा।
  2. प्रत्येक गलत कथन क्यों गलत है:
    • कथन 2 गलत है क्योंकि आयुष्मान भारत केवल निचले 40% परिवारों (SECC पहचानित) को कवर करता है, सभी परिवारों को नहीं।
    • कथन 1 सही है: PM-KISAN प्रति वर्ष 6,000 रुपये देता है (2,000 रुपये की तीन किस्तें)।
    • कथन 3 सही है: PAHAL (प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ) LPG सब्सिडी हेतु DBT योजना है।
  3. सही विकल्प क्यों सही है: संयोजन "1 और 3 केवल" सही है क्योंकि कथन 2 असत्य है।

सही उत्तर: 1 और 3 केवल

निष्कर्ष: बहु-कथन प्रश्नों में एक व्यवस्थित दृष्टिकोण आवश्यक है—प्रत्येक कथन को स्वतंत्र रूप से पढ़ें, मानसिक रूप से सही/गलत चिह्नित करें, फिर विकल्पों में मेल खाता संयोजन खोजें। यह न मान लें कि यदि एक कथन सही लगता है तो अन्य भी सही होंगे।

उदाहरण 3 — BPSC 2022 (सुनंदिनी कार्यक्रम)

प्रश्न: 'सुनंदिनी कार्यक्रम' किससे संबंधित है?

विद्यार्थियों को दिए गए विकल्प:

  • सहायक नर्स दाई (ANM)
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर
  • ग्राम पंचायत के सदस्य
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
  • उपरोक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक

विश्लेषण:

  1. प्रश्न क्या परख रहा है: राज्य-स्तरीय योजनाओं का ज्ञान—विशेष रूप से, बिहार की ICDS प्रणाली में महिला अग्रिम पंक्ति कर्मियों को लक्षित करने का।
  2. प्रत्येक गलत विकल्प क्यों गलत है:
    • ANM: वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर हैं, "सुनंदिनी" नामक कौशल प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजना के लक्ष्य नहीं हैं।
    • PHC के डॉक्टर: वे चिकित्सा अधिकारी हैं, इस प्रकार के कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं हैं।
    • ग्राम पंचायत सदस्य: वे निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधि हैं, ICDS के अग्रिम पंक्ति कर्मी नहीं हैं।
  3. सही विकल्प क्यों सही है: सुनंदिनी विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बिहार सरकार की एक योजना है। यह उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, निष्पादन-आधारित प्रोत्साहन, और करियर प्रगति के अवसर प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रेरित कार्यकर्ताओं को बनाए रखना है।

सही उत्तर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

निष्कर्ष: बिहार-विशिष्ट योजनाओं के लिए, कार्यान्वयन विभाग और लक्षित समूह याद रखें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिहार की समाज कल्याण पहलों का एक प्रमुख केंद्र-बिंदु हैं।


PYQ प्रवृत्तियाँ एवं प्रतिरूप

BPSC 2020-2023 के तीन PYQs परीक्षण शैली में एक स्पष्ट विकास दर्शाते हैं।

वर्षवार वितरण:

  • BPSC 2021: बहु-कथन, तथ्यात्मक सत्यापन, तीन योजनाएँ (राष्ट्रीय स्तर पर)।
  • BPSC 2022 (63वीं संयुक्त): दो प्रश्न—एक संकल्पनात्मक (सामुदायिक विकास उद्देश्य), एक राज्य-योजना पहचान (सुनंदिनी)।
  • BPSC 2022 (68वीं संयुक्त): संभवतः बिहार योजना पर एक और प्रश्न (हमारे समुच्चय में नहीं)।

कठिनाई प्रवृत्ति: शुद्ध तथ्यात्मक (किस मंत्रालय ने शुरू किया? लाभ क्या है?) से संकल्पनात्मक (उद्देश्य क्या है?) की ओर और राज्य-विशिष्ट गहन ज्ञान (सुनंदिनी) की ओर। 2021 के बहु-कथन प्रश्न में उच्च-स्तरीय सोच आवश्यक थी: आपको एक साथ तीन कथनों को सत्यापित करना था।

तथ्यात्मक बनाम विश्लेषणात्मक विभाजन:

  • तथ्यात्मक: सुनंदिनी पहचान (आपको पता है या नहीं), सामुदायिक विकास उद्देश्य (आपको क्लासिक परिभाषा पता होनी चाहिए)।
  • विश्लेषणात्मक: बहु-कथन – सही/गलत में विभेद करना आवश्यक।
  • मिलान/समूहीकरण: इस समुच्चय में अभी तक नहीं देखा गया, परंतु संभावित है—BPSC प्रायः "सूची I (योजनाएँ) को सूची II (मंत्रालय) से मिलाएँ" या "शुभारंभ के कालानुक्रम में व्यवस्थित करें" पूछता है।

बार-बार आने वाले प्रश्न प्रकार:

  1. एकल-योजना पहचान: "X योजना किससे संबंधित है…" (सुनंदिनी प्रकार)।
  2. संकल्पनात्मक उद्देश्य: "…का मुख्य उद्देश्य क्या है" (सामुदायिक विकास प्रकार)।
  3. बहु-कथन शुद्धता: "निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?" (2021 प्रकार)।
  4. वित्तपोषण प्रारूप: "कौन-सी केंद्र प्रायोजित योजना है?" या "PM-JAY के लिए केंद्र-राज्य साझेदारी अनुपात क्या है?"
  5. बिहार-विशिष्ट संबंध: "निम्नलिखित में से कौन-सी बिहार सरकार की योजना है?"

इन वर्षों में अभी तक क्या नहीं पूछा गया: पुरस्कार एवं खेल, अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन/संधियाँ, योजना बनाम कार्यक्रम भेद, कालानुक्रम, और राष्ट्रीय एवं राज्य योजनाओं के बीच तुलना। यह बताता है कि ये आगामी परीक्षाओं के लिए संभावित नए कोण हैं।


आगे क्या पूछा जा सकता है

परीक्षित PYQs और आधिकारिक पाठ्यक्रम के दायरे के आधार पर, हम कई प्रश्न-कोणों का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। नीचे दी गई तालिका में 7 ठोस पूर्वानुमान हैं, प्रत्येक उपर्युक्त तीन PYQs पर आधारित है।

संभावित प्रश्न कोणयह क्यों संभावित हैतैयार करने योग्य मुख्य तथ्य
"निम्नलिखित योजनाओं को उनके मंत्रालयों से मिलाएँ: PM-KISAN, सौर सुजला, जीविका, आयुष्मान"PYQs ने व्यक्तिगत योजनाओं की पहचान परखी है; मिलान विभाग के अनुसार समूहीकरण की क्षमता परखता है। योजनाएँ विभागों में परस्पर व्याप्त हैं।PM-KISAN → कृषि मंत्रालय; सौर सुजला → बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (मंत्रालय नहीं, राज्य-स्तरीय); जीविका → ग्रामीण विकास मंत्रालय (NRLM); आयुष्मान → स्वास्थ्य मंत्रालय।
"निम्नलिखित में से कौन-सी केंद्र प्रायोजित योजना नहीं है?"2021 के बहु-कथन प्रश्न ने वित्तपोषण प्रारूप को परोक्ष रूप से परखा। BPSC प्रायः इसे सीधे पूछता है।केंद्र प्रायोजित: MGNREGS, PMAY-G, NSAP, NHM। केंद्रीय क्षेत्र: PM-KISAN, PM-JAY (यद्यपि राज्य कार्यान्वित करता है, यह प्रारंभ में केंद्रीय क्षेत्र है, बाद में NHM का भाग बना)। स्पष्ट रहें: PM-JAY केंद्रीय क्षेत्र है परंतु कार्यान्वयन हेतु राज्य साझेदारी सहित।
"निम्नलिखित को शुभारंभ के कालानुक्रम में व्यवस्थित करें: सुनंदिनी, जीविका, सौर सुजला, PM-KISAN"कालानुक्रम एक सामान्य BPSC चाल है। सुनंदिनी (2020), जीविका (2007 पायलट, 2014 NRLM), सौर सुजला (2012), PM-KISAN (2019)।विशिष्ट शुभारंभ वर्ष: जीविका (2007), सौर सुजला (2012), PM-KISAN (2019), सुनंदिनी (2020)।
"किस अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के कारण लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) आंदोलन शुरू हुआ?"भारत ने 2023 में G20 की मेजबानी की और यह एक नई पहल है। BPSC अंतरराष्ट्रीय और घरेलू के बीच संबंध परखता है।LiFE की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने COP26 (ग्लासगो, 2021) में की थी और इसे G20 2023 के दौरान क्रियान्वित किया गया।
"सामुदायिक विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास है। निम्नलिखित में से कौन-सी योजना बिहार में इस उद्देश्य को सर्वोत्तम रूप से प्रदर्शित करती है?"सामुदायिक विकास PYQ को वर्तमान योजनाओं से जोड़ा जा सकता है।जीविका सीधे—SHG के माध्यम से आय सृजन। सौर सुजला—सिंचाई के माध्यम से आर्थिक।
"सुनंदिनी कार्यक्रम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?"BPSC एकल-योजना पहचान को बहु-कथन प्रारूप में विस्तारित कर सकता है।सही: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लक्षित करता है; कौशल प्रशिक्षण; प्रोत्साहन बोनस; बिहार समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू। गलत यदि कहे "ANMs के लिए" या "केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू"।
"निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें: योजना – लक्षित समूह। कितने सही मिलान हैं?"मिलान/समूहीकरण प्रश्न 2021 के बहु-कथन प्रतिरूप से अगला तार्किक कदम हैं।PM-JAY (निचला 40%), PM-KISAN (भूधारक किसान), सुनंदिनी (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), जीविका (ग्रामीण गरीब महिलाएँ)।

सभी पूर्वानुमान इस तथ्य पर आधारित हैं कि BPSC ने अब तक एकल पहचान, संकल्पनात्मक परिभाषा, और बहु-कथन शुद्धता परखी है। अगला मोर्चा मिलान, कालानुक्रम, और गहन राज्य-विशिष्ट विस्तार है।


सामान्य भ्रांतियाँ एवं जाल

  • ANM और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता में भ्रम: दोनों महिला अग्रिम पंक्ति स्वास्थ्य कर्मी हैं, परंतु ANM स्वास्थ्य विभाग (NHM) के अंतर्गत आते हैं और उप-केंद्रों पर मातृ/बाल स्वास्थ्य से निपटते हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ICDS (समाज कल्याण) के अंतर्गत आते हैं और पोषण/प्रारंभिक बाल्यावस्था केंद्र चलाते हैं। सुनंदिनी कार्यक्रम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लक्षित करता है, ANMs को नहीं। परीक्षा में ANM एक सामान्य भ्रामक विकल्प था।

  • यह सोचना कि सामुदायिक विकास का उद्देश्य "मानव पूंजी" या "सामाजिक सद्भाव" है: कई विद्यार्थी इन्हें चुनते हैं क्योंकि ये प्रगतिशील लगते हैं। परंतु मूल भारतीय CDP उद्देश्य आर्थिक विकास था। सदैव ऐतिहासिक दस्तावेज़ का संदर्भ लें।

  • केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र प्रायोजित को मिला देना: 2021 के बहु-कथन में, "PM-KISAN एक केंद्र प्रायोजित योजना है" जैसा कथन गलत होता (यह केंद्रीय क्षेत्र है)। कई मानते हैं कि सभी PM योजनाएँ CSS हैं।

  • यह मान लेना कि 2014 में शुरू हुई सभी योजनाएँ "नई" हैं: वास्तव में, कई का पुनरीक्षण या पुनर्नामकरण हुआ। उदाहरण के लिए, NSAP 1995 से अस्तित्व में थी परंतु इसका पुनर्ब्रांडिंग हुआ। BPSC "मूल रूप से किसने शुरू किया" बनाम "किसने पुनर्नामित किया" पूछकर भ्रमित कर सकता है।

  • यह भूल जाना कि बिहार-विशिष्ट योजनाओं के राज्य-स्तरीय नाम हो सकते हैं परंतु वे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ी होती हैं: जीविका, NRLM का राज्य कार्यान्वयन है, परंतु इसके राज्य-विशिष्ट योगदान (ब्याज अनुदान, सामुदायिक निवेश निधि) ही BPSC परखता है।

  • कार्यान्वयन विभाग को समझे बिना शुभारंभ वर्ष रटना: यह जानना बेकार है कि PM-JAY 2018 में शुरू हुआ यदि आपको नहीं पता कि यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के अंतर्गत है और राज्य स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से कार्यान्वित होता है।

  • "उद्देश्य" को "परिणाम" मान लेना: उद्देश्य इच्छित लक्ष्य है; परिणाम वास्तव में जो हुआ वह है। सामुदायिक विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास है; इसके परिणाम में सामाजिक सद्भाव शामिल हो सकता है, परंतु उद्देश्य आर्थिक ही रहता है।

  • 'उपरोक्त में से कोई नहीं' विकल्प को गलत पढ़ना: सुनंदिनी प्रश्न में, यदि विद्यार्थी अनिश्चित हों, तो वे "उपरोक्त में से कोई नहीं" चुन सकते हैं यह सोचकर कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एक भ्रामक विकल्प है। परंतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही सही उत्तर है।


स्मृति-सहायक तकनीकें

स्मृति-सहायक 1: बिहार की चार प्रमुख योजनाओं हेतु "कास जीविका"

नाम: "कास जीविका" श्रृंखला

स्मृति-सूत्र:

  • काकान्या उत्थान योजना (बालिका)
  • ुनंदिनी (आंगनवाड़ी) – ध्यान दें "स" सुनंदिनी के पहले अक्षर से मेल खाता है।
  • सूर्यसौर सुजला (सौर ऊर्जा)
  • जीविका – प्रमुख आजीविका योजना, जो श्रृंखला को पूर्ण करती है।

यह क्या खोलता है: BPSC में परीक्षित बिहार की चार सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं को स्मरण करना।

हल किया उदाहरण: परीक्षा में, आपको एक प्रश्न दिखता है: "स्वयं सहायता समूहों से कौन-सी बिहार योजना संबंधित है?" श्रृंखला "कास जीविका" जीविका पर समाप्त होती है, इसलिए आप तुरंत याद कर लेते हैं कि यह आजीविका योजना है।

स्मृति-सहायक 2: सामुदायिक विकास उद्देश्य हेतु "अर्थ"

नाम: "अर्थ" संक्षिप्ति

स्मृति-सूत्र:

  • र्थिक विकास (प्राथमिक उद्देश्य)
  • चनात्मक सामुदायिक भागीदारी (साधन)
  • हराव-रहित परिणाम – सामाजिक सद्भाव, मानव पूंजी (साध्य परंतु गौण)

यह क्या खोलता है: सामुदायिक विकास का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक विकास है। "र" आपको याद दिलाता है कि सामुदायिक भागीदारी विधि है, और "थ" आपको याद दिलाता है कि अन्य परिणाम (मानव पूंजी, सद्भाव) प्राथमिक उद्देश्य नहीं हैं।

हल किया उदाहरण: जब BPSC 2022 में पूछा गया "सामुदायिक विकास कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?", तो आप सोचते हैं "अर्थ – पहला अक्षर अ = आर्थिक विकास"। आप उसे चुनते हैं।

स्मृति-सहायक 3: PM-KISAN पात्रता हेतु "भूलाबभू"

नाम: "भूलाबभू" नियम

स्मृति-सूत्र:

  • भूभूधारक (कोई भी भूमि रखने वाला)
  • ला – सभी भूधारक किसान (2019 विस्तार के बाद)
  • हिष्करण (आयकरदाता आदि)
  • भू – प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वार्षिक लाभ

यह क्या खोलता है: PM-KISAN की मुख्य विशेषताएँ: कौन पात्र है, लाभ क्या है, और महत्वपूर्ण बहिष्करण।

हल किया उदाहरण: एक बहु-कथन में, एक कथन कहता है "PM-KISAN लघु सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 12,000 रुपये प्रदान करता है"। आपको "भूलाबभू" से पता है: वार्षिक लाभ 6,000 रुपये है, 12,000 नहीं। अतः वह कथन असत्य है।


त्वरित पुनरावलोकन

  • परिचय: सरकारी योजनाएँ एवं कार्यक्रम BPSC समसामयिकी के केंद्र में हैं। चार क्षेत्र: राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, बिहार-विशिष्ट, पुरस्कार। तीन PYQs परीक्षित: पहचान, बहु-कथन, संकल्पनात्मक उद्देश्य।

  • मूल संकल्पनाएँ: योजना बनाम कार्यक्रम (समानार्थी), CSS बनाम केंद्रीय क्षेत्र (राज्य हिस्सेदारी बनाम पूर्णतः केंद्रीय), लक्षित समूह, आउटकम बनाम आउटपुट, DBT, कार्यान्वयन एजेंसी, सामुदायिक विकास।

  • राष्ट्रीय योजनाएँ: PM-KISAN (6,000 रु नकद, भूधारक, DBT), PM-JAY (निचले 40% हेतु 5 लाख रु स्वास्थ्य कवर), PMGKAY (5 किलो अनाज, कोविड राहत), NSAP (वृद्ध/विधवा/विकलांग हेतु पेंशन) पर ध्यान दें। वित्तपोषण प्रारूप याद रखें—PM-KISAN केंद्रीय क्षेत्र है, PM-JAY केंद्रीय क्षेत्र है परंतु कार्यान्वयन हेतु राज्य साझेदारी सहित।

  • अंतरराष्ट्रीय संबंध: पेरिस समझौता → राष्ट्रीय सौर मिशन; SDGs → योजनाओं का मानचित्रण; G20 → LiFE; WTO → बाजार हस्तक्षेप योजना।

  • बिहार योजनाएँ: सुनंदिनी (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, समाज कल्याण विभाग, 2020), सौर सुजला (सौर सिंचाई, BREDA, 2012), जीविका (SHG-आधारित आजीविका, BRLM, 2007), कन्या उत्थान (बालिका नकद अंतरण, समाज कल्याण, 2020), छात्र क्रेडिट कार्ड (ब्याज-मुक्त ऋण, शिक्षा विभाग, 2016)।

  • सामुदायिक विकास: उद्देश्य = आर्थिक विकास। साधन = मानव पूंजी निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, सद्भावपूर्ण जीवन। 1952 में शुरू। समकालीन आजीविका योजनाओं से भ्रमित न हों, जो भी आर्थिक विकास को प्राथमिक लक्ष्य मानती हैं।

  • PYQ प्रतिरूप: एकल पहचान, बहु-कथन सही/गलत, संकल्पनात्मक उद्देश्य। बार-बार आने वाले जाल: ANM को आंगनवाड़ी से भ्रमित करना, CSS को केंद्रीय क्षेत्र से भ्रमित करना, शुभारंभ वर्ष गलत याद रखना।

  • भविष्य के पूर्वानुमान: मिलान, कालानुक्रम, गहन बिहार फोकस, अंतरराष्ट्रीय-घरेलू संबंध, वित्तपोषण अनुपात प्रश्न।

  • स्मृति-सहायक: कास जीविका (बिहार योजनाएँ), अर्थ (सामुदायिक विकास उद्देश्य), भूलाबभू (PM-KISAN विशेषताएँ)। परीक्षा के दिन समय के दबाव में तथ्यों को पुनः प्राप्त करने हेतु इनका उपयोग करें।

  • बचने योग्य सामान्य गलतियाँ: सामुदायिक विकास उद्देश्य के रूप में मानव पूंजी न चुनें। सुनंदिनी को ANMs से भ्रमित न करें। सभी PM योजनाओं को केंद्र प्रायोजित न मानें।

इस अध्याय ने आपको सरकारी योजनाएँ एवं कार्यक्रम से संबंधित किसी भी BPSC प्रश्न से निपटने के लिए संपूर्ण उपकरण-सेट प्रदान किया है। मुख्य बात यह समझना है कि प्रत्येक योजना के पीछे क्यों है—इसका उद्देश्य, लक्षित समूह, और वित्तपोषण मॉडल—केवल नाम रटने के बजाय। PYQ प्रतिरूपों, संकल्पनात्मक स्पष्टता, और दी गई स्मृति-सहायक तकनीकों के साथ, अब आप परीक्षा के लिए तैयार हैं। शुभकामनाएँ!

Practice these PYQs

Test yourself with the actual 3 questions from BPSC - CCE

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BPSC PYQ 1 (2021)Geography

The total geographical area of Bihar State is

  1. 94163 sq. km
  2. 94526 sq. km
  3. 94200 sq. km
  4. 94316 sq. km

Answer: B. 94526 sq. km

BPSC PYQ 2 (2024)Current Affairs

When did Bihar State introduce the Green Budget for the first time?

  1. Financial Year 2020-21
  2. Financial Year 2018-19
  3. Financial Year 2021-22
  4. Financial Year 2019-20

Answer: A. Financial Year 2020-21

BPSC PYQ 3 (2024)Science

Which part of alimentary canal receives bile from the liver?

  1. Stomach
  2. Oesophagus
  3. Small intestine
  4. Large intestine

Answer: C. Small intestine

Free sample · Question 1 of 3

Geography · 2021

The total geographical area of Bihar State is

Frequently Asked Questions — Government Schemes & Programmes

3 questions on Government Schemes & Programmes have appeared in BPSC Prelims across papers from 2021–2022. This makes it a niche topic in the Current Affairs section.